तनु
स्वयं — शरीर, स्वास्थ्य, स्वभाव और जीवन से मिलने का ढंग।
भारतीय भाषाएँ
अन्य भाषाएँ
बीटा भाषाओं में ज्योतिष के शब्दों की जाँच अभी चल रही है। पसंद (Preferences) कुकीज़ की अनुमति होने पर आपकी भाषा याद रखी जाती है।
कुंडली बारह भावों में बँटी होती है। हर भाव जीवन का एक पक्ष सँभालता है — शरीर और स्वभाव, परिवार और धन, घर, संतान, साझेदारी, कार्य और अंतर्मन।
पहला भाव लग्न से आरंभ होता है — वह राशि जो जन्म के क्षण पूर्व दिशा में उदित हो रही थी। KUNDALI शास्त्रीय विधि से पूर्ण-राशि भाव का उपयोग करता है: हर राशि एक भाव है, जो लग्न से आगे गिनी जाती है।
स्वयं — शरीर, स्वास्थ्य, स्वभाव और जीवन से मिलने का ढंग।
धन, परिवार, वाणी, भोजन और जो हमें मूल्यवान लगता है।
साहस, पुरुषार्थ, छोटे भाई-बहन, कौशल और छोटी यात्राएँ।
माता, घर, भूमि, वाहन, शिक्षा और मन की शांति।
संतान, बुद्धि, सृजनशीलता, मंत्र और पूर्व पुण्य।
बाधाएँ, रोग, ऋण, सेवा, दैनिक कार्य और प्रतिस्पर्धा।
जीवनसाथी, साझेदारी, अनुबंध और दूसरों से मिलने का ढंग।
आयु, रूपांतरण, गूढ़ विषय, शोध और विरासत।
भाग्य, पिता, गुरु, आस्था, उच्च शिक्षा और तीर्थयात्रा।
कार्यक्षेत्र, कर्म, प्रतिष्ठा और संसार में अपना स्थान।
लाभ, आय, मित्र, बड़े भाई-बहन और पूर्ण होती इच्छाएँ।
व्यय, त्याग, विदेश, निद्रा, एकांत और मोक्ष।
भाव 1, 4, 7, 10
चार कोण — कुंडली के स्तंभ। यहाँ बैठे ग्रह प्रबल और स्पष्ट रूप से फल देते हैं।
भाव 1, 5, 9
धर्म और कृपा के भाव। इनके स्वामी किसी भी कुंडली में सबसे सहायक ग्रहों में गिने जाते हैं।
भाव 6, 8, 12
कठिनाई के भाव — और उस शक्ति, गहराई और मुक्ति के भी, जो कठिनाई से मिलती है।
भाव 3, 6, 10, 11
वृद्धि के भाव। यहाँ जो बैठा है, वह प्रयास और समय के साथ प्रायः निखरता है।
आपको साइन इन रखने और साइट को ठीक से चलाने के लिए हम कुछ छोटी कुकीज़ का उपयोग करते हैं। आपकी अनुमति हो, तो कुछ कुकीज़ यह समझने के लिए भी लेंगे कि लोग KUNDALI का उपयोग कैसे करते हैं।
हमारी कुकी नीति पढ़ें