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॥ श्री गणेशाय नमः ॥

अंक ज्योतिष

नौ अंक, नौ ग्रह। आपकी जन्म तिथि और जिस नाम से आपको पुकारा जाता है, उनसे तीन अंक बनते हैं, और हर अंक का एक स्वामी ग्रह है। इन्हें एक बार भरिए और देखिए कि वे नवग्रह मंडल में कहाँ हैं।

गणना इसी पेज पर होती है। आप जो लिखते हैं, वह न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता है।

नौ अंक

हर अंक और उसका ग्रह

1

सूर्य

नेतृत्व, सम्मान, स्पष्टता · रविवार · मित्र अंक 2, 3, 7, 9

2

चन्द्र

भावना, देखभाल, कल्पना · सोमवार · मित्र अंक 1, 5

3

गुरु

ज्ञान, शिक्षा, विकास · गुरुवार · मित्र अंक 1, 2, 7, 9

4

राहु

परिवर्तन, मौलिकता, साहस · शनि की तरह पढ़ा जाता है · शनिवार · मित्र अंक 5, 6, 8

5

बुध

बुद्धि, वाणी, अनुकूलता · बुधवार · मित्र अंक 1, 6

6

शुक्र

सौंदर्य, सामंजस्य, स्नेह · शुक्रवार · मित्र अंक 4, 5, 8

7

केतु

अंतर्दृष्टि, वैराग्य, अध्ययन · मंगल की तरह पढ़ा जाता है · मंगलवार · मित्र अंक 1, 2, 3, 9

8

शनि

धैर्य, अनुशासन, न्याय · शनिवार · मित्र अंक 4, 5, 6

9

मंगल

साहस, ऊर्जा, रक्षा · मंगलवार · मित्र अंक 1, 2, 3, 7

नाम अंक कैसे बनता है

अक्षर और उनके अंक

अंकअक्षरग्रह
1A I J Q Yसूर्य
2B K Rचन्द्र
3C G L Sगुरु
4D M Tराहु
5E H N Xबुध
6U V Wशुक्र
7O Zकेतु
8F Pशनि

9 किसी अक्षर का अंक नहीं है। यह मंगल का अंक है और केवल जोड़ में आता है, उस अंक की तरह जो बाकी सबको समेटे है।